Sunday, September 11, 2011

बिखरा घोसला

चलो -सवांरते हैं...
'तुम' लाना
तिनका-तिनका
'मै' पेड़ के
कोटर में 'सहेजुंगी

ऐसे..
'ना आंधी' उड़ा सके
'ना बारिश' की एक बूंद उसमे
आ सके

ना 'धूप' का
असर हो उस पर
ना 'बहेलिये' की
नजर हो 'उस' पर 

बस
'मै और 'तुम'
और 'हमारे' चूजे
और कोई नहीं 
और कोई नहीं ....!!