Tuesday, September 13, 2011

कृष्णांगी



काली हूँ !
पर भिखारिनी
कुरूपा नहीं,
बनाया उसी
शिल्पकार ने
मुझे भी ...
काले पत्थर से
मेरा रूप
बहुत मामूली ,
मगर 'साफ़' है
धूल और कीचड़ से
भरा नहीं
तुम मोती सरीखे
धवल ही रहना...
मुझे तुमसे बस
इतना ही कहना
इतना ही कहना
इतना ही कहना... Vasu