Wednesday, January 28, 2015

सारांश समय का'' में प्रकाशित रचनाएं..




फीके सब तेरे बिना

बसंती-बयार
मेरा तन-मन अमरैया
छाये ज्यूँ गुलाल मेरा फागुन पिया
आचर की गाँठ 
मेरे माथे की बिंदिया
हाथों की रेख-रेख पोर-पोर मेहंदिया
अंग-अंग बजे
मेरी पायल पैंजनियां
चूड़ियों के बीच कंगना से गुम कहाँ
बालों में गजरा
महक-महक जाए यहाँ
आँखों की कजरा में सजा तेरा सपना
चेहरे के नूर अब
आ भी जा सजना
जीवन के इंद्रधनुष फीके सब तेरे बिना---।