Saturday, August 10, 2013

तीन क्षणिकाएं

  १. 
मत उछालो 
खोटी नहीं हूँ 
चित्त भी तुम्हारी है 
पट्ट भी तुम्हारी है ...!

२. 
रिश्ते पल में मीठे 
पल में खट्टे 
तुला के बट्टे...!
 

३. 

सुनो 
पंख भी हैं 
परवाज भी है 
और बंदिशों के जाल भी 
चुनाव तुम्हारा है... चुनो..!